Wednesday, January 13, 2010

नया अंदाज़ रखना

नए तेवर नया अंदाज़ रखना; 
कहन सच्ची खरी आवाज़ रखना. 

भले ही पंख हों छोटे तुम्हारे, 
सदा ऊँची मगर परवाज़ रखना. 

कभी भूखा कभी प्यासा रखेगी, 
मगर इस ज़िन्दगी पर नाज़ रखना. 

दुआएँ उनकी फलती फूलती है, 
न पुरखों को नज़र- अंदाज़ रखना. 

रहेगी ज़िन्दगी हर वक़्त जिंदा, 
कहीं दिल में कोई मुमताज़ रखना. 

बिना बोले जो मन की बात समझे, 
कहीं ऐसा कोई हमराज रखना. 

ग़ज़ल का हो अगर शौक़ीन बेटा, 
तो उसका नाम 'भारद्वाज' रखना. 

चंद्रभान भारद्वाज  

12 comments:

निर्मला कपिला said...

ापकी गज़ल दिल को छू गयी हर एक शेर लाजवाब है शुभकामनायें

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

श्रद्देय भारद्वाज जी, आदाब
क्या फलसफा पेश किया है-
कभी भूखा कभी प्यासा रखेगी,
मगर इस ज़िन्दगी पर नाज़ रखना.
और ये रंग-
रहेगी ज़िन्दगी हर वक़्त जिंदा,
कहीं दिल में कोई मुमताज़ रखना.
अच्छे ब्लाग पर आने का यही फायदा है,
सब कुछ अच्छा ही मिलता है,
और अच्छा कहने की प्रेरणा भी...
शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

शोभित जैन said...

दुआएँ उनकी फलती फूलती है,
न पुरखों को कभी नाराज रखना.

बेहतरीन गज़ल .... हर एक शेर उम्दा ...सीधे शब्दों में गहरी बात

Wo Jo Maine Likha said...

its really great and beautiful

वन्दना said...

kis kis sher ki tarif karoon.........poori gazal lajawaab hai.

श्रद्धा जैन said...

नए तेवर नया अंदाज़ रखना;
कहन सच्ची मधुर आवाज़ रखना.

waah bahut khoob


भले ही पंख हों छोटे तुम्हारे,
सदा ऊँची मगर परवाज़ रखना.

कभी भूखा कभी प्यासा रखेगी,
मगर इस ज़िन्दगी पर नाज़ रखना.

waah waah Chandrbhaan ji

दुआएँ उनकी फलती फूलती है,
न पुरखों को कभी नाराज रखना.

bahut shaandaar sher

रहेगी ज़िन्दगी हर वक़्त जिंदा,
कहीं दिल में कोई मुमताज़ रखना.

khoobsurat

बिना बोले जो मन की बात समझे,
कहीं ऐसा कोई हमराज रखना.
sher apne paas rakh liya hai

दिगम्बर नासवा said...

भले ही पंख हों छोटे तुम्हारे,
सदा ऊँची मगर परवाज़ रखना.

कभी भूखा कभी प्यासा रखेगी,
मगर इस ज़िन्दगी पर नाज़ रखना...

JOSH KA JAJBA DIL MEIN BHARTI ..... JINDAGI KO JEENE KI HIDAAYAT DETI .... KAMAAL KE SHER HAIN SAB ...BAHUT HI ACHHEE LAGI AAPKI GAZAL SIR ...

shama said...

बिना बोले जो मन की बात समझे,
कहीं ऐसा कोई हमराज रखना.
Kitna khushnaseeb hoga jise aisa hamraaz mie!

रचना दीक्षित said...

आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आना सफल हो गया हर शब्द बोलता हुआ और दिल को गहराई तक छूता हुआ

रहेगी ज़िन्दगी हर वक़्त जिंदा,
कहीं दिल में कोई मुमताज़ रखना.

बिना बोले जो मन की बात समझे,
कहीं ऐसा कोई हमराज रखना.

हर इक शेर आपने आप में बे मिसाल
इस प्रस्तुती के लिए आभार

safat alam taimi said...

दुआएँ उनकी फलती फूलती है,
न पुरखों को कभी नाराज रखना.

बहुत खूब। धन्यवाद, गुनगुना रहा हूं
दुआएँ उनकी फलती फूलती है,
न पुरखों को कभी नाराज रखना.

भूतनाथ said...

ग़ज़ल का हो अगर शौक़ीन बेटा,
तो उसका नाम 'भारद्वाज' रखना.
dhatt.......bhoonath....haan....!!
acchhi lagi....sach....!!

singhsdm said...

क्या मतला है भाई......
नए तेवर नया अंदाज़ रखना;
कहन सच्ची खरी आवाज़ रखना.
जबरदस्त........
रिश्तों का क्या खूब ताना बाना बुना है......
दुआएँ उनकी फलती फूलती है,
न पुरखों को नज़र- अंदाज़ रखना.

रहेगी ज़िन्दगी हर वक़्त जिंदा,
कहीं दिल में कोई मुमताज़ रखना.

बिना बोले जो मन की बात समझे,
कहीं ऐसा कोई हमराज रखना.